Anchal Singhal

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लेखनी कविता -05-Dec-2022

इरादा 


ना पूछो की मेरी मंजिल कहाँ है 
अभी तो सफर का इरादा किया है 
ना हारुगी हौंसला उम्र भर
ये मैंने किसी से नहीं 
सिर्फ और सिर्फ 
खुद से वादा किया है 

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2 Comments

Gunjan Kamal

06-Dec-2022 12:58 PM

बहुत खूब

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Anchal Singhal

15-Dec-2022 12:01 PM

Shukriya

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